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महानदी फ्लाईएश डंपिंग मामला : पर्यावरण विभाग ने किया अड़ानी पावर पर 30 हजार रूपये जुर्माना!

महानदी फ्लाईएश डंपिंग मामला : पर्यावरण विभाग ने किया अड़ानी पावर पर 30 हजार रूपये जुर्माना!

महानदी फ्लाईएश डंपिंग मामला : पर्यावरण विभाग ने किया अड़ानी पावर पर 30 हजार रूपये जुर्माना!
शिकायत महानदी में फ्लाईएश के बहने का लेकर किया गया, कार्यवाही सड़क निमार्ण में लापरवाही को
लेकर संपन्न?
सीएम हेल्पलाईन में शिकायत के बाद हरकत में आया पर्यावरण संरक्षण मंडल ने किया जुर्माना,
औपचारिकता निभा कर शिकायत पर कंपनी को दिया क्लीनचिट,
अब मामले की शिकायत अब एनजीटी से करने की तैयारी,
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फ्लाईएश डंपिंग करने का मामला,
पीएम रोड़ से ओव्हरलोड़ वाहन का संचालन की भी शिकायत,

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के साराड़ीह बैराज के पास 4 एकड़ से अधिक भूमि फ्लाईएश डाला जा रहा है वहा पर  27-28 सितंबर को महानदी में आया बाढ़ ने जमकर तबाही मचाया है और यह स्थान 20 फीट पानी में डूबा हुआ था। महानदी में फ्लाईएश के बहने तथा नदी के बिल्कुल समीप में ही स्थल का स्थिति होने सहित कई बिन्दु पर सीएम हेल्पलाईन में किया गया शिकायत के बाद अब क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ ने मामले में स्थल जांच कर डंप स्थल पर सड़क बनाने के लिये फ्लाईएश का उपयोग करने के लिये अड़ानी पावर कंपनी को 30 हजार रूपये का जुर्माना आरोपियो किया है। वही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बहे हुए फ्लाईएश निरीक्षण टीम को नही दिखा जिसके बाद अड़ानी कंपनी के इस फ्लाईएश भराव को अधिकारियो ने क्लीन चिट देकर मामले में क्लोजर रिर्पोट के लिये
प्रतिवेदन प्रेषित कर दिया है।

दरअसल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सारंगढ़ विकासखंड़ के ग्राम घोटला छोटे महानदी के तट पर स्थित है। साराड़ीह बैराज के पास स्थित इस घोटला छोटे गांव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गिना जाता है, किन्तु यहा पर बड़े पैमाने पर फ्लाईएश डंपिग करने का कार्य अड़ानी पावर छोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वारा किया जा रहा है। महानदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र खसरा नंबर 184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/ 9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534 हेक्टेयर भूमि पर फ्लाईएश डंपिंग करने के लिये आनलाईन आवेदन क्रमांक 40763602222092 दिया गया जिसके तारतम्य में आदेश क्रमांक 1656/RO/TS/CECB/2026 दिनांक 2 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया है। जिसमे 80 हजार मिट्रिक टन फ्लाईएश भराव की अनुमति प्रदान किया गया है। बताया जा रहा है कि मेसर्स अड़ानी पावर कंपनी छोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वारा महानदी के तट से महज 300 मीटर की दूरी के अंदर फ्लाईएश को डंप किया जा रहा है। ग्रामवासियो के अनुसार इस मामले  मे संबंधित हल्का क्षेत्र का पटवारी ने गलत जानकारी दिया है तथा डंपिंग क्षेत्र को महानदी से 300 मीटर से अधिक दूरी बताया गया है। इस मामले में सूक्ष्म जांच की आवश्यकता महसूस किया जा रहा है। वही जिस स्थान पर फ्लाईएश डंप किया जा रहा है वह खसरा नंबर 184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/ 9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534 हेक्टेयर भूमि है। यह महानदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। माह भर पहले आया बाढ़ में यह क्षेत्र पानी में डूबा हुआ था। यहा पर फ्लाईएश डंपिंग करने से महानदी प्रदूषित होगा तथा जलीय वातावरण प्रभावित होगा तथा पर्यावरण प्रदूषण होगा।

ग्रामवासियो ने बताया कि 27 सितंबर 2026 को महानदी में आई बाढ़ में उक्त फ्लाईएश डपिंग  क्षेत्र खसरा नंबर 184/1, 184/ 9क/1, 184/ 9क/2, 184/ 9ख/1, 184/11, 186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534 हेक्टेयर भूमि पूर्ण रूप से बाढ़ में 20 फीट से अधिक डूबा रहा है। मौके पर साफ तौर पर दिख रहा है कि उक्त स्थल पर बाढ़ का पानी भरा था और फ्लाईएश महानदी के बाढ़ में प्रवाहित हो गया। महानदी में तटीय क्षेत्र में जिस प्रकार से मेसर्स अड़ानी पावर कंपनी छोटे भंड़ार रायगढ़ के द्वारा नियमो को  ताक में रखकर फ्लाईएश डंपिंग का कार्य किया जा रहा है उससे महानदी में फ़्लाईएश फैल गया है। फ्लाईएश के कारण से महानदी का पानी प्रदूषित हो गया तथा महानदी का जलीय वातावरण दूषित हो
गया है। आसपास के खेतो मे भी फ्लाईएश का परत जम गया है जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। इन्ही सभी बिन्दुओ को लेकर सीएम हेल्पलाईन में इस फ्लाईएश डंपिंग की शिकायत किया गया था जिसके जांच में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण कार्यालय रायगढ़ के अधिकारियो ने सिर्फ औपचारिकता निभाया तथा अड़ानी पावर कंपनी पर डंपिंग क्षेत्र में सड़क नही बनाने के कारण से 30 हजार रूपये का जुर्माना करके मामले का रफा-दफा करने मे लग गये।

क्या कहता है पर्यावरण विभाग का जांच प्रतिवेदन

ग्राम-घौठला छोटे, तहसील-सारंगढ़, जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छ.ग.) में पलाई ऐश भू-भराव के संबंध में  सीएम हेल्पलाईन नंबर पर प्राप्त शिकायत दिनांक 21.10.2026 के संबंध में प्रतिवेदन में क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ ने बताया कि मेसर्स अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार, तहसील पुसौर, जिला रायगढ़ के द्वारा फ्लाई ऐश ओवरलोड वाहनों से परिवहन मार्ग खराब होने, वैध अनुमति नहीं होने एवं बैराज में फ्लाई ऐश जाने की संभावना संबंधी मांग की जांच की बिन्दुवार जानकारी में बताया कि उपरोक्त उद्योग को खसरा नंबर-184/1, 184/9/5/1, 184/9/क/2, 184/9/ख, 184/11,  186/4/क, 186/5, 187/2 कुल रकबा 1.534 हेक्टेयर में फ्लाई ऐश से भू भराव हेतु ग्राम पंचायत छोटे  घौठला से दिनांक 25/11/2025 को अनापत्ति ग्रामसभा की सर्वसम्मति से जारी किया गया है।भू-भराव स्थल निजी भूमि है, जिस पर भू-भराव हेतु भू-स्वामी की सहमति प्राप्त है। भू पर बगीचा एवं गोदाम
निर्माण किये जाने की जानकारी भू-स्वामी द्वारा प्रस्तुत की गई है। कार्यालय तहसीलदार सारंगढ़ से प्राप्त प्रतिवेदन में आवेदित भूमि से स्कूल, अस्पताल, बसाहट 500 मीटर से अधिक दूरी पर होना एवं नदी-नाला 300 मीटर की त्रिज्या में नहीं होना प्रतिवेदित किया गया है। कार्यालय तहसीलदार सारंगढ़, कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा जिला ऐश भू-भराव की स्पष्ट अनुशंसा सहित प्रतिवदेन प्रदाय किया गया है। उक्त दस्तावेजों के आधार पर तथा स्थल का निरीक्षण कर क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल
रायगढ़ द्वारा उद्योग को दिनांक 02/09/2026 को फ्लाई ऐश से भू-भराव हेतु अनुमति प्रदाय की गई है। दिनांक 30/09/2026 को किये गये निरीक्षण में भू भराव स्थल से फ्लाई ऐश का बहाव आस-पास के क्षेत्रों/कृषि भूमि/जल स्त्रोतों में नहीं होना पाया गया था। हांलाकि उद्योग द्वारा भू-भराव स्थल पर पहुंच मार्ग बनाने हेतु फ्लाई ऐश डाला गया था जिसकी अनुमति नहीं होने के कारण उद्योग पर 30,000 रूपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करते हुए मिट्टी की परत बिछाकर समाधानकारक कार्यवाही कराई गई है। पुनः दिनांक 28.10.2026 को जांच में स्थल पर भू-भराव कार्य बंद पाया गया एवं फ्लाई ऐश का आस- पास के क्षेत्रों में नहीं जाना पाया गया।
महानदी में फ्लाईएश बहाव मामला : एनजीटी में जायेगा शिकायत
ग्राम-घौठला छोटे में महानदी के मुहाने पर दिया गया इस फ्लाईएश भराव के अनुमति मामले में सीएम  हेल्प लाईन में किया गया शिकायत और क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के द्वारा किया गया जांच संबंधी खानापूर्ति को लेकर एक बात साफ तौर पर दिख रही है कि फ्लाईएश भराव के लिये गलत जानकारी देकर अनुमति हासिल किया गया है। महानदी से सटा हुआ क्षेत्र को 300 मीटर की  त्रिज्या से दूर बताया जा गया है। वही बाढ़ से बहा हुआ फ्लाईएश के मामले मे क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़  पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के निरीक्षण टीम ने गलत जानकारी दिया है कि फ्लाईएश बहा नही है। ऐसे में अब पूरे मामले की शिकायत एनजीटी से करने की तैयारी हो रही है। आने वाले दिनो मे महानदी में फ्लाईएश बहाव का मामला में बड़ी कार्यवाही हो सकती है।

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