महतारी वंदन योजना : रायगढ़ में 2300 हितग्राहियों का वेरीफिकेशन शेष, E-KYC नहीं होने पर कटेगा नाम….

रायगढ़। पिछले चुनाव में भाजपा के लिए गेमचेंजर साबित हुई महतारी वंदन योजना का ई-केवायसी चल रहा है। अब भी जिले में करीब 2300 महिलाओं का वेरीफिकेशन लंबित है। सरकार यह जानना चाहती है कि जिनको राशि मिल रही है, वे मौजूद हैं या नहीं। वर्ष 2024 में प्रदेश की पात्र महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलना शुरू हुआ था। तक केवायसी नहीं कराया गया था। केवल एक एफिडेविट भरवाकर महिलाओं को भुगतान शुरू कर दिया गया। बैंक में जाकर महिलाओं को केवायसी करानी थी। अब तक जिन महिलाओं का केवायसी नहीं हो सका था, उनका वेरीफिकेशन हो रहा है।
रायगढ़ जिले में 20967 महिलाओं में से 18620 का ई-केवायसी हो चुका है।।अब 2347 महिलाओं को ई-केवायसी कराने कहा जा रहा है लेकिन वे सामने नहीं आ रही हैं। इसलिए अब महिला एवं बाल विकास विभाग इनको ढूंढक़र केवायसी करवाने जा रहा है। संभव है इनमें से कई महिलाओं की मृत्यु हो चुकी होगी लेकिन उनके खाते में महतारी वंदन योजना की राशि जमा हो रही होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कवायद केवल पारदर्शिता लाने के लिए है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित हितग्राही का वेरिफिकेशन नहीं होता है, तो उनकी आगामी किश्तें रोकी जा सकती हैं,।
पते से गायब मिलेंगी महिलाएं
इस बात की आशंका है कि कई बुजुर्ग हितग्राही महिलाओं की मृत्यु भी हो चुकी होगी। लेकिन उनके एकाउंट में राशि जमा हो रही है। वहीं कई महिलाएं रायगढ़ में ही नहीं होंगी। संभव है कि उनसे संपर्क भी न हो सके। ऐसे हितग्राहियों को भी ढूंढऩा है। इसलिए अब घर-घर जाकर ई-केवायसी करवाना होगा। इस सघन जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने की राशि केवल जीवित और पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। रिकॉर्ड में सुधार के बाद अपात्र पाई गई महिलाओं के नाम सूची से स्थायी रूप से हटा दिए जाएंगे।